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निदेशक का संदेश
भा.कृ.अनु.प.-राष्ट्रीय कृषि कीट संसाधन ब्यूरो (आईसीएआर-एनबीएआईआर) परिषद के संस्थानों में से एक प्रमुख संस्थान है जो कृषि कीट विज्ञान में बुनियादी और अनुप्रयुक्त विज्ञान को एकीकृत करता है। ब्यूरो के संग्रहालय को पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कृषि के लिए महत्वपूर्ण कीटों, माइट्स और मकड़ियों के लिए जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के तहत "राष्ट्रीय भंडार" के रूप में निर्दिष्ट किया गया। राष्ट्रीय कीट संग्रहालय में अब लगभग 500 प्रकार के नवीन प्रजाति के कीटों सहित लगभग चार लाख दस हजार कीट नमूने (सूखे और गीले) उपलब्ध हैं। वर्ष 2024 में, व्यापक खोजपूर्ण सर्वेक्षणों के अंतर्गत विभिन्न गणों की 48 कीट प्रजातियों की खोज और विवरणों को वर्णित किया, जिसके अंतर्गत कोलीओप्टेरा, डिप्टेरा, हेमिप्टेरा, हाइमेनोप्टेरा और थायसनोप्टेरा के साथ-साथ मकड़ी एवं सूत्रकृमि की एक-एक नई प्रजाति शामिल हैं। पुनरीक्षण कार्यों, टैक्सोनोमिक सुधारों और पुनर्वर्णन सहित उन्नत टैक्सोनोमिक अध्ययन किए गए। किसानों, विस्तार एजेंसियों और शोधकर्ताओं की सहायता करने के लिए, भारतीय ड्रायोफ्थोरिने प्रजातियों पर एक डेटाबेस विकसित किया गया। इसके अतिरिक्त, आईसीएआर-एनबीएआईआर में टैक्सोनोमिक विशेषज्ञता ने राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, निजी कंपनियों और आईसीएआर संस्थानों के शोधकर्ताओं को कीटों की पहचान सेवाएं प्रदान की। ओरियोनिस, लेलुथिया, येलिकोन्स, डैकस, गाइनाइकोथ्रिप्स, सिर्टोथ्रिप्स, पैरापुटो और कैरोटस सहित कई कीट टैक्सा के लिए डायग्नोस्टिक कुंजियाँ प्रकाशित की गईं । इसके साथ-साथ कृषिगत और बागवानी फसलों के लिए कुंजियाँ बनाकर नए परपोषक एवं पीड़क कीटों का अभिलेखन किया गया। और पढ़ें...
















