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डॉ. बी. रामानुजम

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ramanujam
दूरभाष सं.
080-2351-1982 एक्सलटे. 343/+91 9448-825-106
फैक्‍स
080-2341-1961
व्‍यावसायिक अनुभव
30 वर्ष
एम.एससी., पीएच.डी. (कृषि कीटविज्ञान)
एम.एससी., पीएच.डी. (पादप विकृतिविज्ञान)
होमोप्‍टेरन नाशीजीवों के परभक्षियों के लिए बहु उत्‍पादन तकनीकों के विकास पर कार्यरत।
वर्तमान में नाशीजीव नियंत्रण के लिए एंटोमोफंगल रोगजनकों पर और रोग प्रबंधन के लिए फंगल एंटागॉनिस्टिक पर कार्यरत।
प्रशिक्षण
भाकृअसं, नई दिल्लीा के अनुकार एवं सूचनाविज्ञान एकक में दिनांक 21-23 दिसंबर, 2009 के दौरान ''फसल विज्ञान में जैव सूचनाविज्ञान अनुप्रयोग'' पर प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में भाग लिया।
कृषि पक्षीविज्ञान पर एआईसीआरपी, एएनजीआरयू, हैदराबाद में दिनांक 16-22 फरवरी, 2009 के दौरान ''जीपीएस-जीआईएस-ईराडा प्रणाली'' पर प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में भाग लिया।
सीटीसीआरआई, त्रिवेन्द्रपम में दिनांक 30-12-2008 से 01-11-2008 के दौरान ''आईपीआर एवं प्रौद्योगिकी प्रबंधन'' पर प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में भाग लिया।
पुरस्‍कार और सम्‍मान
मैसूर विश्वीविद्यालय में सूक्ष्मशजीव विज्ञान और प्राणीविज्ञान विभागों में पीएच.डी. निर्देशक।
यूएएस, बेंगलुरु में पादप विकृति विज्ञान विभाग में पीजी शिक्षक।
सोसाइटी ऑफ बायोकंट्रोल एडवांसमेंट इन इंडिया, बेंगलुरु, भारत का जीवन पर्यन्त. सदस्य।।
भारतीय रोपण फसल सोसाइटी का जीवन पर्यन्तड सदस्यम।
संक्षिप्‍त उपलब्धियां
डॉ. बी. रामानुजम बीते 11 वर्षों से एनबीएआईआई, बेंगलुरु में फसल नाशीजीव प्रबंधन के लिए एंटोमोफंगल रोगजनकों के संग्रहण, लक्षणवर्णन, बहु उत्पाेदन एवं संरूपण पर कार्यरत। देश के विविध कृषि जलवायु क्षेत्रों से एंटोमोफंगल रोगजनकों (बीवेरिया, मेटाराइजियम, लेकानिसिलियम, पासिलोमाइसेस, नौमुराइया एवं ऐशेरसोनिया) के 185 वियुक्तोंे का एक उत्कृिष्ट जननद्रव्यस संग्रह स्था पित किया गया जिसका उपयोग अरासायनिक नाशीजीव प्रबंधन कार्यक्रमों के लिए किया जा सकता है। इन वियुक्तों के कल्चशरल एवं आकारिकीय विशेषकों, आईटीएस अनुक्रम के माध्य म से आणविक पहचान, इनसेक्टि कुटिकल डिग्रेडिंग एंजाइम प्रोडक्शनन क्षमताओं, टॉक्सिन प्रोडक्शकन क्षमताओं तथा कुछ लेपिडोप्टेगरन एवं चूषक नाशीजीवों की उग्रता के संदर्भ में डाटाबेसिस सृजित किए गए। आईटीएस अनुक्रम विश्लेषषण के आधार पर, वर्टिसिलियम लेकानी के 31 भारतीय वियुक्तों को लेकानीसिलियम की अब चार प्रजातियों, यानी एल. लेकानी, एल. अटेनुवेटम, एल. लोंगिस्वा रुम एवं एल. मसकेरियुम के तहत स्थािपित किया गया है। क्च्र्टरल गुणों पर अध्यसयनों से बी. बेसियाना, बी. ब्रोंगनियरटी, एम. ऐनिसोप्लिये, लेकरनीमिलियुम प्रजा., और पासिलोमाइसेस प्रजा. के उच्चव स्पोएरुलेटिंग वियुक्तों की पहचान करने में सहायता मिली। बायोएस्सेर, टॉक्सिन प्रोडक्शान सक्षमताओं और कुटिकल डिग्रेडिंग एंजाइम प्रोडक्शिन क्षमताओं के आधार पर हेलिकोवर्पा आर्मिजेरा, स्पोकडोप्टे रा लिच्युिरा प्यूरेडिटेला जाइलोस्टेाला, चाइलो पार्टेलस, एफिस क्रेकसिवोरा, माइजुस पर्सिका, बेमिसिया टबाकी के विरूद्ध आशाजनक वियुक्तोंे की पहचान की गई। इन कवकों के 167 वियुक्तोंफ के आईटीएस अनुक्रमों को एनसीबीआई जीनबैंक में जमा करवाया गया और उनका प्रकाशन किया गया। बी. बेसियाना एवं एम. ऐनिसोप्लिए के आशाजनक वियुक्तों् के तेल संरूपण को सब्जियों में चूषक नाशीजीवों के प्रबंधन के लिए पायसीकरण, स्थाुयीकरण और यूवी संरक्षण हेतु योगज-पदार्थों के साथ खाद्य तेल एवं खनिज तेल के संयोजन का प्रयोग कर विकसित किए गए।
अभिज्ञान
मैसूर विश्वेविद्यालय में सूक्ष्म्जीव विज्ञान और प्राणिविज्ञान विभागों में पीएच.डी. निर्देशक।
यूएएस, बेंगलुरु में पादप विकृति विज्ञान विभाग में पीजी शिक्षक।
सोसाइटी ऑफ बायोकंट्रोल एडवांसमेंट इन इंडिया, बेंगलुरु, भारत का जीवन पर्यन्तड सदस्या।
भारतीय रोपण फसल सोसाइटी का जीवन पर्यन्तं सदस्यम।
प्रकाशन
80
चयनित प्रकाशन
बी. रामानुजम, विनय हेमन्नडवर, होन्नूर बाशा एवं आर. रंगेश्वरन 2012. पोस्टे हार्वेस्टा फ्रूट बायोऐस्से ऑफ फाइलोप्लेवन, पोमोप्लेईन एंड एंडोफाइटिक माइक्रोब्सं अगेंस्ट0 चिली एन्थ्रेक्नोज पैथोजन, कोललेटोट्रिचम कैप्सिसी (सिड.) ई. जे. बटलर एवं बिस्बी। जर्नल ऑफ़ बायोलॉजिकल कंट्रोल 26 (1) : 62-69.
बी. रामानुजम, विनय हेमन्नवर, होन्नूर बाशा, पी. चौडप्पा एवं आर. रंगेश्वरन, 2012. स्टैंएडर्डाइजेशन ऑफ सुटेबल कल्च र मीडियम एंड फॉर्मुलेशन ऑफ बैक्टीडरियल एंटागोनिस्ट्स टू चिली एन्थ्रेकोजेन पैथोजन, कोलेलेटोट्रिचम कैप्सिसी। जर्नल ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी 42 (1) : 141-145.
बी. रामानुजम, होन्नूर बाशा, विनय हेमन्नावर, पी. चौड़प्पा एवं आर. रंगेश्वरन, 2012. इंडक्शकन ऑफ डिफेंस रिलेटेड एंजाइम्सट एंड फिलोल्सा इन चिली प्लांमट्स बाइ बेसिलस सबटिलिस अगेंस्टप एंथ्रेक्नोज पैथोजन कोललेटोट्रिचम कैप्सिसीसी। इंडियन फाइटोपैथोलॉजी 65 (4) : (प्रेस में)।
बी. रामानुजम, एम. बालाचंदर, जी. रूपा, आर. रंगेश्वरन, एवं प्रीतम करमाकर। 2011. चाइनेस एक्टिविटी एंड विरुलेंस ऑफ डिफरेंट आइसोलेट्स ऑफ बीवेरिया बेसियाना, मेथेरिज़ियम एनिसोप्लिए एंड लेकानिसिलियम एसपीपी। जर्नल ऑफ़ बायोलॉजिकल कंट्रोल, 25 (3) : 223–228.
बी. रामानुजम, एम. बालाचंदर, जी. रूपा, आर. रंगेश्वरन, और प्रीतम करमाकर। 2011. आईटीएस सिक्वें्सिंग ऑफ इंडियन आइसोलेट्स ऑफ लेकानिसिलियम स्पी3सीस। जर्नल ऑफ़ बायोलॉजिकल कंट्रोल, 25 (4) : 337-341.