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डॉ. एम. संपत कुमार

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ई-मेल
दूरभाष सं.
080-2972-0564/080-2351-1982
फैक्‍स
080-2341-1961
व्‍यावसायिक अनुभव
6 वर्ष
एम.एससी., पीएच.डी. (कृषि कीटविज्ञान)
एम.एससी. (कृषि) (कृषि कीटविज्ञान)
होमोप्‍टेरन नाशीजीवों के परभक्षियों के लिए बहु उत्‍पादन तकनीकों के विकास पर कार्यरत।
कीट रासायनिक पारिस्थितिकी पर विशेष जोर देते हुए वर्तमान में वरूथिविज्ञान, चावल कीटविज्ञान पर कार्यरत।
प्रशिक्षण
सेंट सेकर्ड हार्ट कॉलेज, थेवरा, कोची, केरल, भारत में दिनांक 8 से 22 अगस्ति, 2016 के दौरान मकडि़यों के वर्गीकरण पर इन-हाउस प्रशिक्षण प्राठ्यक्रम में भाग लिया।
राष्ट्री य पादप स्वा्स्य््र प्रबंधन संस्थाान, हैदराबाद, भारत में दिनांक 01 से 05 सितंबर 2014 के दौरान नाशीजीव जोखिम प्रबंधन पर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भाग लिया।
संक्षिप्‍त उपलब्धियां
चावल पत्ती मोड़क एवं गुलाबी तना बेधक की प्रभावकारी रूप से निगरानी और व्यागपक पकड़ के लिए सेक्सी फेरामोन टेक्नोबलाजी।
राइस केसवार्म के लिए सेक्सट अट्रेक्टेान्ट्सस विकसित किए।
यह साबित किया गया कि वाईएसबी सेक्सक फेरोमोन के अंड परजीव्याएभ के बढ़ते परजीवीकरण के साथ तना बेधक नाशीजीव के प्रबंधन में सहक्रियावादी भूमिका है।
अरंड में स्पोधडोप्टे्रा लिच्युवरा के विरूद्ध फेरोमोन आधारित (मेटिंग डिसरप्शसन टेक्नीमक) प्रबंधन।
जलकृषि स्थितियों के तहत युवा चावल पौधों का प्रयोग करते हुए बीपीएच के लिए कीटपालन नयाचारों का मानकीकरण किया गया।
चावल भूरा पादप नाशीजीव के जीवविज्ञान पर बढ़ते CO2 के प्रभावों का अध्यएयन किया गया।
भाकृअनुप-आईआईआरआर, हैदराबाद के नाशीजीव सर्वेक्षण रिपोर्ट (एआईसीआरआईपी) डाटाबेस का संकलन कर उसे अनुरक्षित किया गया।
चावल तात्का लिक नाशीजीव गतिकी डाटाबेस विकसित किया गया (भाकृअनुप-एनसीआईपीएम, नई दिल्लीक)।
अभिज्ञान
भाकृअनुप-भारतीय चावल अनुसंधान संस्था न, राजेन्द्रननगर, हैदराबाद का वर्ष 2015 का प्रोफेसर आर. सीतारमन सर्वश्रेष्ठन युवा वैज्ञानिक पुरस्कानर प्राप्ती किया।
भारतीय पादप संरक्षण जर्नल को प्रस्तुकत की गई पांडुलिपियों की वर्ष 2014-16 के दौरान पीयर रिव्यू में दिए गए उत्कृरष्टथ योगदान के लिए भारतीय पादप संरक्षण संघ से उत्कृ‍ष्टरता प्रमाण पत्र प्राप्तय किया।
भारतीय राष्ट्रीतय विज्ञान अकादमी, नई दिल्लीय द्वारा वर्ष 2014-15 के दौरान आईएनएसए अभ्यायगत वैज्ञानिक अध्ये तावृत्ति।
हैदराबाद में जैविक एवं अजैविक दबाव प्रबंधन (ईकोबास्मन-2014) में उभरती चुनौतियों और अवसरों पर राष्ट्री य सम्मेपलन में सर्वश्रेष्ठन प्रस्तु0तीकरण पुरस्कातर प्राप्‍त किया।
एनबीएआईआर, बेंगलुरु में वर्ष 2015 के दौरान फसलों में आईपीएम के लिए नए/सुरक्षित अणुओं और जैव नियंत्रण प्रौद्योगिकियों पर राष्ट्री य बैठक में सर्वश्रेष्ठी पोस्ट र पुरस्काणर प्राप्ति किया।
''घरेलू फेरोमोन प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर चावल तना बेधकों के प्रबंधन'' में कार्य के लिए चावल में सर्वश्रेष्ठन पीएच.डी. शोधप्रबंध हेतु टीएनएयू का बिग्रेडियर अनिल अदलखा पुरस्काऔर प्राप्तं किया।
टीएनएयू सेक्सश फेरोमोन ल्यू र के विकास के अनुसार टीएनएयू का नवप्रवर्तन पुरस्काडर 2011 प्राप्त किया।
भाकृअनुप-आईआईआरआर वार्षिक दिवस समारोह के दौरान सर्वश्रेष्ठा पोस्टरर पुरस्काार 2011 प्राप्तप किया।
'चावल और चावल आधारित फसल प्रणालियों में एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन में नए क्षेत्र' पर भाकृअनुप-आईआईआरआर, हैदराबाद में दिनांक 13सितंबर-03 अक्तूरबर, 2012 के दौरान 21 दिवसीय शीत शिविर के लिए पाठ्यक्रम समन्वंयक।
सोसाइटी फॉर बायो कंट्रोल एडवांसमेंट सोसाइटी, भाकृअनुप-एनबीएआईआर, बेंगलुरु का जीवन पर्यन्त सदस्यल।
सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ राइस रिसर्च, भाकृअनुप-आईआईआरआर, हैदराबाद का जीवन पर्यन्त सदस्यऑ।
भारतीय पादप संरक्षण संघ, भाकृअनुप-एनबीपीजीआर, हैदराबाद का जीवन पर्यन्त सदस्य ।
''जर्नल ऑफ राइस रिसर्च'' (ISSN 2319-3670) के वर्ष 2014 से संपादकीय बोर्ड का सदस्यत।
भाकृअनुप-आईआईआरआर, हैदराबाद के समाचार पत्र 2010-11 के संपादन टीम का सदस्यय।
भाकृअनुप-आईआईआरआर, हैदराबाद के कीटविज्ञान अनुभाग की 2011-16 के दौरान मासिक बैठकों का संयोजक।
प्रकाशन
15
चयनित प्रकाशन
चित्रा शंकर, चौ. लाइडिया, एम. संपतकुमार, वी. सुनील एवं गुरुराज कट्टी। 2016. बायोलाजी एंड प्रिडेट्री पोटेंसियल ऑफ राइनोकोरिस फुसिपेस (फेब्रीसियस) (हेमिप्टेरा: रेडुविडा) ऑन द् राइस लीफफोल्डरर सनाफेलोक्रोसिस मेडिनेलिस (गुइनी)। जर्नल ऑफ राइस रिसर्च। 9 (1) : 47-49.
संपतकुमार एम, चित्रा शंकर, चौ. पद्मावती एवं गुरुराज कट्टी। 2015. बाइनरी सेक्सप अट्रेक्टें ट ब्लेंुड्स फॉर कैसवार्म, निम्फुला डिपैक्टैलिस (गुइनी)। इंडियन जर्नल ऑफ प्लांट प्रोटेक्शेन। 43 (3) : 364-365.
दुरईमुरुगन पी, संपतकुमार एम, श्रीनिवास पी एस, 2015. कालिंग बिहेवियर एंड मेल रिस्पोंसस टू फेरोमोन ग्लेंनड एक्सकट्रेक्ट्सम ऑफ कैस्ट,र सेमीलूपर, अचेआ जेनेटा एल. (लेपिडोप्टेरा, नोक्टुइडा) जर्नल ऑफ फूड, एग्रीकल्च र एंड इन्वॉटयरमेंट। 13 (2) : 94-97.
संपतकुमार एम. एवं जी .रवि. 2014. ऑन फार्म एंड मल्टीा लोकेशन परफारमेंस ऑफ इंडिजनस सेक्सु फेरोमोन ल्यू्र अगेंस्टए राइस येलो स्टे म बोरर। जर्नल ऑफ राइस रिसर्च, 7 (1 एंड 2): 87-91.
शंकर सी., मोहन एम., संपतकुमार एम, लाइडिया चौ., कट्टी जी., 2013.फंक्शमनल सिग्निफिकेंस ऑफ माइक्रोस्पिस डिस्कलर (एफ.) (कोकीनिलिडा: कोलियोप्टे्रा) इन राइस इको-सिस्टोम। जर्नल ऑफ एप्लाइड एंटोमोलॉजी। 137: 601-609.
शंकर सी, मोहन एम, संपतकुमार एम, लाइडिया चौ., कट्टी जी.। 2013. सलेक्शेन ऑफ फ्लावरिंग फोर्ब्सफ फॉर कंजर्विंग नेचुरल एनिमीज इन राइस फील्ड्स0। बायोकंट्रोल साइंस एंड टेक्नोलॉजी। 23 (4) : 480-484.
संपतकुमार एम. एवं जी. रवि। 2013. राइस स्टेम बोरर स्पी‍सीस डायवर्सिटी एंड शिफ्ट इन एग्रो-क्लाकइमेटिक जोन्स4 ऑफ तमिलनाडु। इंडियन जर्नल ऑफ प्लांट प्रोटेक्श्न। 41 (4) : 301-304.
संपतकुमार एम. एवं जी. रवि। 2013. इनफ्लुवेंस ऑफ राइस स्टेम बोरर सेक्स फेरोमोन ऑन द् बिहेवियर ऑफ इट्स एग पैरासिटॉइड्स। जर्नल ऑफ बायोलाजीकल कंट्रोल। 27 (3) : 171-175.
संपतकुमार एम. एवं एस. वी. कृष्णमूर्ति 2013. रिस्को असेस्मेंकट ऑफ ट्राइकोग्रामा चाइलोनिस (इशी) टू न्यूं मॉलीक्यूनल्सफ इवेलुवेटेड अगेंस्टण स्पॉटेड बोलवर्म, ईरेअस विटेला फैब. इन कॉटन। जर्नल ऑफ बायोलाजीकल कंट्रोल। 27 (4) : 272–277.
विकसित और वाणिज्यिकृत प्रौद्योगिकी
चावल वाईएसबी प्रबंधन के लिए स्वदेशी फेरोमोन ल्यूार - टीएनएयू के विकसित ल्यूहर (उत्पाद) ने भारतीय किसानों की आजीविका पर अभूतपूर्व प्रभाव डाला और कृषि मिशन से जुड़े हितधारकों को भी लाभान्वित किया।